मनुष्य का खून कितने दिनों तक स्टोर किया जाता है इसका एक सीधा जवाब नहीं है, क्योंकि यह पर्यक्तिगत होता है और अगर किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है।
मनुष्य का खून विभिन्न प्रकार की रक्तकोशिकाओं, प्लाज्मा, और उपाधि रखता है। रक्तकोशिकाएं जिसमें लाल रक्तकणिकाएं (रेड ब्लड सेल्स) और सफेद रक्तकणिकाएं (व्हाइट ब्लड सेल्स) शामिल होती हैं, तत्परता से उत्पन्न होती हैं। इन रक्तकोशिकाओं की अवधि भी अलग-अलग हो सकती है।
रेड ब्लड सेल्स (आइरोसाइट्स) के आवेदन के बारे में बात करें, तो यह प्रायः 120 दिनों तक जीवित रह सकती हैं और फिर वे थोड़ी-सी क्रियान्वित होने वाली होती हैं। इसका अर्थ है कि नए रेड ब्लड सेल्स के निर्माण के लिए पुराने रक्तकोशिकाएं नष्ट होती रहती हैं और नयी रक्तकोशिकाएं उत्पन्न होती रहती हैं।
व्हाइट ब्लड सेल्स (लेयुकोसाइट्स) के मामले में, इसकी जीवदशा
अलग-अलग प्रकार की लेयुकोसाइट्स पर निर्भर करती है। कुछ लेयुकोसाइट्स, जैसे न्यूट्रोफिल, कुछ घंटों या कुछ दिनों तक जीवित रह सकते हैं, जबकि दूसरे जैसे लिम्फोसाइट्स और मोनोसाइट्स दिनों या महीनों तक जीवित रह सकते हैं।
प्लाज्मा, जो खून का तत्व है, नयी प्लाज्मा को निर्माण करने के लिए आहार के माध्यम से नवीनीकृत होती रहती है।
इस प्रकार, खून में संचित रक्तकोशिकाएं और अन्य तत्व निरंतर नवीनीकृत होते रहते हैं, ताकि संपूर्ण प्रणाली का चालित रह सकें। इसे यातायात साधारित करने के लिए, शरीर कई प्रकार के खून को नष्ट करता है और नए रक्तकोशिकाएं उत्पन्न करता है।
इस बात का ध्यान रखें कि यह केवल एक सामान्य अवधि है और हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकती है। स्वास्थ्य स्तर, शरीर का आयाम, और अन्य आवश्यक तत्वों पर निर्भर करके इसका प्रभाव हो सकता है।

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