भारत में राष्ट्रपति का चुनाव भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६१ के तहत आयोजित किया जाता है। यह चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा प्रबंधित किया जाता है। निम्नलिखित है भारत में राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया:
1. प्रथमिकता और ख़ासाहमी (Preferential and Exclusive):
- राष्ट्रपति का चयन लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के माध्यम से होता है।
- चुनावी मतदान लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा होता है, जहां लोकसभा के सदस्यों के मत का महत्व राज्यसभा के सदस्यों के मत के मुकाबले ज्यादा होता है।
2. प्रारंभिक उम्मीदवारों का चयन (Nomination of Initial Candidates):
- उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा संचालित की जाती है।
- प्रारंभिक उम्मीदवारों को उन्हें समर्पित किए गए नामांकन पत्र में अपने उम्मीदवारी को दर्ज करना होता है।
3. वोटिंग (Voting):
- संविधान ने निर्धारित किया है कि राष्ट्रपति के चयन के लिए एक विशेष मतदान प्रक्रिया अनुष्ठान की जाती है।
- सभी वोटर, जो लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य होते हैं, अपने मत का प्रकटीकरण करते हैं।
4. गिनती (Counting):
- मतगणना चुनाव आयोग के निर्देशानुसार की जाती है।
- वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जाती है।
5. परिणाम (Results):
- जब मतगणना पूरी होती है, तो चुनाव आयोग द्वारा नतीजे की घोषणा की जाती है।
- जीतने वाले उम्मीदवार को राष्ट्रपति पद की कार्यभार सौंपी जाती है।
यहीं तरीका राष्ट्रपति के चयन के लिए अपनाया जाता है। यह प्रक्रिया दिवंगत भारतीय राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के समय से पहले भी समान थी और उसके बाद से भी समान रही है।

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